Wednesday, October 16, 2019

नात शरीफ

            नात शरीफ
शमा रिसालत हक़ के पयम्बर
सलल्लाहो अलेहे व सल्लम
सुब्हे यक़ीन के मेरे मुनव्वर
सलल्लाहो अलेहे व सल्लम
सबसे मौअज़्म सबसे मुकर्रम
बेशक बेशक सबसे मुक़द्दम
सब नबियों सेअफजल व अकबर
सलल्लाहो अलेहे व सल्लम
सब पे इनायत करने वाले
ज़ख्मे तमन्ना भरने वाले
इब्ने मरियम से भी बढ़कर
सल्लल्लाहो अलैहे वसल्लम
मैं हूं मुसाफिर राहे वफा का
मेरा भटकना नामुमकिन है
मेरे     हमदम  मेरे   रहबर
सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम
पीता हूं तोहीद की    बादाह
बेशक हूं  मैं एक     शराबी
मेरे साक़ी, साक़िये कौसर
सल्लल्लाहो अलैहे वसल्लम
बैठे   हैं  कोनेन  के  सर्वर
हुजरे में अपने फर्शे जमीन पर
मेरे  लिए  हैं  शाफेय   महशर
सल्लल्लाहो अलैहे   वसल्लम
मैं हूं फिग़ार एक इश्क का मारा
मेरा  जिगर  है  पारा   पारा
मुझको तसल्ली दीजिए आकर
सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम





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